शुक्रवार, 22 मई 2015

इन 5 वजहों से काटते हैं मच्‍छर

इन 5 वजहों से काटते हैं मच्‍छर
कई बार आपने यह महसूस किया होगा कि यदि आप कुछ लोगों के साथ ऐसे स्‍थान पर हों, जहां मच्‍छर हैं, तो वो सभी को नहीं काटते हैं। आपके साथ मौजूद लोगों में से किसी को मच्‍छर सबसे ज्‍यादा काटते हैं तो किसी को नहीं काटते हैं। तो आइए वैज्ञानिक रूप से सिद्ध, मच्‍छरों के काटने की वजह को जानते हैं:
इंसानी सांस से आकर्षित होते हैं
मच्‍छर किसी भी प्रकार की कार्बन डाय ऑक्‍साइड गैस (CO2) के प्रति आकर्षित होते हैं। उन्‍हें काफी दूरी से इस गैस के स्रोत का पता चल जाता है। यह कहना है अमेरिका के मच्‍छर नियंत्रण एसोसिएशन के तकनीकी सलाहकार जो कॉनलोन (पीएचडी) का। उन्‍होंने बताया कि श्‍वसन क्रिया के दौरान छोड़ी गई कार्बन डाय ऑक्‍साइड से मच्‍छर इंसानों की ओर आते हैं।
मच्‍छरो के शरीर में मैक्सिलरी पाल्‍प नाम का एक ऑर्गन होता है, जो कार्बन डाय ऑक्‍साइड गैस की पहचान करता है और 150 फीट दूरी से भी उन्‍हें इसका अहसास हो जाता है।
पसीने की गंध
आप जितना ज्‍यादा क्रियाशील होंगे, उतना ही आपके शरीर से पसीना निकलेगा। इस पसीने के साथ ही CO2 गैस भी निकलती है। इससे मच्‍छर उस इंसान की ओर आकर्षित होते हैं और उनको काटकर उनका खून चूसते हैं। शारीरिक श्रम वाला कार्य अथवा एक्‍सरसाइज से हमारे शरीर से डिलेक्‍टेबल डेट्रिटस (वेस्‍ट प्रॉडक्‍ट्स तथा डेड स्किन) निकलते हैं। इसके साथ ही शरीर से लैक्टिक एसिड, यूरिक एसिड और अमोनिया भी निकलता है, जिसकी गंध मच्‍छरों को अपनी ओर खींचती है।
बीयर पीने वालों को भी काटते हैं
वैज्ञानिक शोध से यह स्‍पष्‍ट हो चुका है कि बीयर पीने वालों को मच्‍छर ज्‍यादा काटते हैं। इससे शरीर में शर्करा ज्‍यादा बनती है और त्‍वचा का तापमान बढ़ता है, जिसकी तलाश में मच्‍छर में रहते हैं।
गर्भवती महिलाओं को भी काटते हैं
गर्भवती महिलाओं के शरीर का तापमान सामान्‍य इंसानों के तापमान से एक डिग्री ज्‍यादा होता है। इनके द्वारा छोड़ी गई श्‍वास में कार्बन डाय ऑक्‍साइड 20 प्रतिशत ज्‍यादा होती है।
लाल और जामुनी रंग भाता है
यदि आप काला, लाल या जामुनी रंग के कपड़े पहनते हैं तो मच्‍छर आपकी ओर ज्‍यादा आकर्षित होंगे। उनके काटने से बचना हो तो साधारण और उजले रंग के कपड़े पहनिए।

गुरुवार, 14 मई 2015

आर्थराइटिस

आर्थराइटिस

1. दोनों तरह के आर्थराइटिस (Osteoarthritis और Rheumatoid arthritis) मे आप एक दावा का प्रयोग करे जिसका नाम है चुना, वोही चुना जो आप पान मे खाते हो | गेहूं के दाने के बराबर चुना रोज सुबह खाली पेट एक कप दही मे मिलाके खाना चाहिए, नही तो दाल मे मिलाके, नही तो पानी मे मिलाके पीना लगातार तिन महीने तक, तो आर्थराइटिस ठीक हो जाती है | ध्यान रहे पानी पिने के समय हमेशा बैठ के पीना चाहिए नही तो ठीक होने मे समय लगेगा | अगर आपके हात या पैर के हड्डी मे खट खट आवाज आती हो तो वो भी चुने से ठीक हो जायेगा | STONE की शिकायत हो तो चुना नहीं खाना।

2. दोनों तरह के आर्थराइटिस के लिए और एक अछि दावा है मेथी का दाना | एक छोटा चम्मच मेथी का दाना एक काच की गिलास मे गरम पानी लेके उसमे डालना, फिर उसको रात भर भिगोके रखना | सबेरे उठके पानी सिप सिप करके पीना और मेथी का दाना चबाके खाना | तिन महीने तक लेने से आर्थराइटिस ठीक हो जाती है | ध्यान रहे पानी पिने के समय हमेशा बैठ के पीना चाहिए नही तो ठीक होने मे समय लगेगा |

3. ऐसे आर्थराइटिस के मरीज जो पूरी तरह बिस्तर पकड़ जुके है, चाल्लिस साल से तकलीफ है या तिस साल से तकलीफ है, कोई कहेगा बीस साल से तकलीफ है, और ऐसी हालत हो सकती है के वे दो कदम भी न चल सके, हात भी नही हिला सकते है, लेटे रहते है बेड पे, करवट भी नही बदल सकते ऐसी अवस्था हो गयी है .... ऐसे रोगियों के लिए एक बहुत अछि औषधि है जो इसीके लिए काम आती है | एक पेड़ होता है उसे हिंदी में हरसिंगार कहते है, संस्कृत पे पारिजात कहते है, बंगला में शिउली कहते है , उस पेड़ पर छोटे छोटे सफ़ेद फूल आते है, और फुल की डंडी नारंगी रंग की होती है, और उसमे खुसबू बहुत आती है, रात को फूल खिलते है और सुबह जमीन में गिर जाते है । इस पेड़ के छह सात पत्ते तोड़ के पत्थर में पिस के चटनी बनाइये और एक ग्लास पानी में इतना गरम करो के पानी आधा हो जाये फिर इसको ठंडा करके रोज सुबह खाली पेट पिलाना है जिसको भी बीस तिस चाल्लिस साल पुराना आर्थराइटिस हो या जोड़ो का दर्द हो | यह उन सबके लिए अमृत की तरह काम करेगा | इसको तिन महिना लगातार देना है अगर पूरी तरह ठीक नही हुआ तो फिर 10-15 दिन का गैप देके फिर से तिन महीने देना है | अधिकतम केसेस मे जादा से जादा एक से देड महीने मे रोगी ठीक हो जाते है | इसको हर रोज नया बनाके पीना है | ये औषधि Exclusive है और बहुत strong औषधि है इसलिए अकेली हि देना चाहिये, इसके साथ कोई भी दूसरी दावा न दे नही तो तकलीफ होगी | ध्यान रहे पानी पिने के समय हमेशा बैठ के पीना चाहिए नही तो ठीक होने मे समय लगेगा |

बुधवार, 13 मई 2015

मस्सों के लिए उपचार

अगर आप भी मस्‍सों से परेशान है तो त्‍वचा के इन बिन बुलाये मेहमानों से राहत पाने के लिए कुछ घरेलू उपायों को अपना सकते हैं। इन उपायों से आसानी आप मस्‍सों को दूर कर प्राकृतिक सौंदर्य वापस पा सकते हैं।
  • 1

    मस्सों के लिए उपचार

    मस्‍से, त्‍वचा पर पेपीलोमा वायरस के कारण छोटे, खुरदुरे कठोर पिंड से बनते हैं। मस्‍से गर्दन, हाथ, पीठ, चिन, पैर इत्यादि कहीं पर भी हो सकते है। लेकिन चेहरे पर होने पर यह खूबसूरती को बिगाड़ देते हैं। अगर आप भी मस्‍सों से परेशान है तो त्‍वचा के इन बिन बुलाये मेहमानों से राहत पाने के लिए कुछ घरेलू उपायों को अपना सकते हैं। इन उपायों से आसानी आप मस्‍सों को दूर कर प्राकृतिक सौंदर्य वापस पा सकते हैं।
  • 2

    प्‍याज

    मस्‍सों को समाप्‍त करने के लिए प्‍याज फायदेमंद होता है। इसके लिए एक प्याज रस निकालें और इस रस को नियमित रूप से दिन में एक बार मस्‍सों पर लगाएं। इस उपाय से मस्‍से की समस्‍या दूर हो जाती हैं।
  • 3

    अगरबत्ती

    मस्‍से को समाप्‍त करने के लिए आप अगरबत्ती का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए एक अगरबत्ती को जला लें और इसके जले हुए गुल को मस्‍से पर लगा कर तुरन्‍त हटा लें। ऐसा 8-10 बार करने से मस्‍सा सूखकर झड़ जाएगा। ध्यान रहे, अगरबत्ती का स्पर्श सिर्फ मस्से पर ही होना चाहिए।
  • 4

    आलू

    आलू का प्रयोग करने से भी मस्‍से कुछ दिनों में समाप्‍त हो जाते हैं। इसके लिए आलू को छीलकर उसकी फांक लें और उसे  मस्‍सों पर रगडि़ए। फिर देखिए आपके मस्‍से कैसे गायब होते हैं।
  • 5

    सेब

    खट्टे सेब को जूस नियमित रूप से मस्‍सों पर लगाने से मस्‍से धीरे-धीरे झड़ जाते है और तीसरे सप्‍ताह तक तो लगभग समाप्‍त ही हो जाते हैं। इसके लिए खट्टे सेब लेकर उनका जूस निकाल लीजिए और उसको दिन में कम से कम तीन बार मस्से की जगह पर लगाइए।
  • 6

    सिरका

    सिरका को इस्‍तेमाल दिन में दो बार मस्‍सों पर करने से मस्‍सों की परेशानी दूर हो जाती है। इसको उपयोग करने के लिए चेहरे को अच्छी तरह धोएं और कॉटन को सिरके में भिगोकर तिल-मस्सों पर लगाएं। दस मिनट बाद गरम पानी से फेस धो लें।
  • 7

    हरा धनिया

    मस्‍सों से मुक्ति के लिए हरा धनिया एक कारगर उपाय है। इस उपाय को करने के लिए हरे धनिया को पीसकर उसका पेस्ट बना लें और इसे रोजाना मस्सों पर लगाएं।
  • 8

    एलोवेरा

    मस्‍सों से जल्‍दी निजात पाने के लिए आप एलोवेरा के जैल का भी प्रयोग कर सकते हैं। अगर आपके घर पर एलोवेरा है, तो उसका एक छोटा का टुकड़ा काटिये और ताजा जैल मस्‍से पर लगायें।
  • 9

    लहसुन

    लहसुन का प्रयोग मस्‍सों पर करने से मस्‍से कुछ ही दिनों में सूखकर झड़ जाते हैं। इसके लिए रात को सोने से पहले लहसेन की कली को छील कर उसका पेस्‍ट बना लें और उसे मस्‍सों पर लगा कर सो जाएं और सुबह उठकर उसे साफ कर लें। इस उपाय से आप मस्‍सों से छुटकारा पा सकते हैं।
  • 10

    अंजीर

    अंजीर के इस्‍तेमाल से मस्‍से 3-4 हफ्ते में समाप्‍त हो जाते है। इसको इस्‍तेमाल करने के लिए ताजा अंजीर लें। इसे मसलकर  इसकी कुछ मात्रा मस्से पर लगाएं और 30 मिनट तक लगा रहने दें फिर गुनगुने पानी से धो लें।
  • 11

    बेकिंग सोडा और अरंडी के तेल

    बेकिंग सोडा और अरंडी के तेल को मिलाकर इस्‍तेमाल करने से मस्‍से धीरे-धीरे समाप्‍त हो जाते हैं। इस‍ उपाय को करने के लिए बेकिंग सोडा को अरंडी के तेल में मिलाकर पेस्ट बना लें। इसक पेस्‍ट को रोज रात को सोते वक्त मस्‍सो पर लगाकर सो जाइए। सुबह उठकर इसे साफ कर लें इस उपाय से आपको अच्‍छे परिणाम मिलेगें।

सोमवार, 11 मई 2015

शुगर का इलाज"



        शुगर का इलाज"


१-लहसुन छिला हुआ 25 gm
२-अदरक  (ताज़ा) 50 gm
३-पुदीना fresh 50 gm
४-अनारदाना खट्टा 50 gm

इन चारों चीज़ों को पीस कर चटनी बना लें।
और सुबह, दोपहर और शाम को एक-एक चम्मच खा लें।
पुरानी से पुरानी शुगर, यहाँ तक कि शुगर की वजह से जिस मरीज़ के जिस्म के किसी हिस्से को काटने की सलाह भी दी गयी हो तब भी ये चटनी बहुत फायदेमंद इलाज है।

Treatment-- Ulcer on back side of the tongue

पञ्च तिक्त घृतगुगल 2-2 दूध से
खदिरादि वटी  2-2-2 चूसने
tab septalin 2-2
syrp चन्दनासव
: हरा धनिया पत्ती चबाने से भी छाले ठीक होते है
Other Treatment(1)   Amlaki 1 gm
Madhuyasti. 1 gm
Guduchi satva 500 mg
Kamdudha ras 500 mg
                   1×2. C madhu
(2)
Tankan L/A for gargle
(3)
Amritarist 20 ml bd

(4)
Madhu L/A.

टायफाइड की परफेक्ट चिकित्सा

टायफाइड की परफेक्ट चिकित्सा
ब्राह्मी वटी2-2
मधुरांतक वटी2-2

अमृतारिस्ट


व साथ मे लक्षणों के अनुसार ओसध
: बार बार हो तो

स्वर्णवसंतमलती रस 1-1 गोली
कब्ज हो तो मुनक्का
खांसी हो तो सितोपलादि सहद से

Other treatment
Madhurantak vati (mukta)-1gm
Ratnagiri ras- 5 gm
Sanjivani vati- 5 gm
Godanti bhasm- 5 gm
Prawal bhasm- 5gm
Amarsundari vati-5 gm
Bramhi vati- 5 gm

30 doses 1×3 with drakshavleh

Khamira gajvaan 1/4 tsf 4-5 times

Use Processed water with khubkala , long, munaaka , tulsi , badi elayachi n soof
🙏

यह जानने के बाद बार-बार खाने लगेंगे बैंगन

 खाने में बैंगन का नाम आते ही कई लोगों के मुंह से यही निकलता है- उफ बैंगन। भाता ही नहीं है, लेकिन यह जानने के बाद बैंगन खाने लगेंगे बार-बार... 

 आश्चर्य होगा यह जानकर कि त्वचा साफ-सुथरी और चमकदार बनाता है बैंगन। इसमें विटामिन, मिनरल, फाइबर के साथ बहुत सारा एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। जिससे मुहाँसे  नहीं होते। बैंगन स्किन को मॉइश्चर प्रदान करता है। इसीलिए अगर आपकी स्किन ड्राय या बाल ड्राय हो तो बैंगन जरूर खाएं। 

इसमें आयरन और कैल्शियम होता है। बैंगन खाने से मधुमेह और हृदय रोग जैसी बीमारियां होने की आशंका कम होती है। बैंगन में एंटीऑक्सीडेंट, अंथॉयनिंस पाए जाते हैं, जिससे उम्र बढऩे की प्रक्रिया कम होती है। स्किन कैंसर से लडऩे में यह खास भूमिका निभाता है। इसमें बहुत 
ज्यादा फाइबर पाया जाता है, जो विटामिनों से घिरा रहता है। इसे खाने से पेट साफ होता है। अत्यधिक मात्रा में पानी होने से बैंगन खाने से त्वचा हाइड्रेट रहती है। बैंगन के सेवन से रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर गिरता है।  पोटेशियम व मैग्नीशियम होने से ऐसा होता है। और तो और बैंगन में विटामिन सी बहुत अच्छी मात्रा में है, जो प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है और शरीर को संक्रमण से मुक्त रखने में मदद करता है। 

सिगरेट छोडऩा चाहते हैं, तो बैंगन का सेवन अधिक करें। इसमें मौजूद निकोटिन की सीमित मात्रा सिगरेट छोडऩे वाले लोगों के लिए मददगार हो सकती है। बैंगन का रस दांत के दर्द में भी लाभकारी है। बैंगन की पुल्टिस बनाकर फोड़ों पर बांधने से फोड़े जल्दी पक जाते हैं। 

यह आहार चर्बी को जलाता है और कैलोरी कम करता है। इसमें फाइबर होता है जिसको खाने से पेट भर जाता है और जल्‍द भूख नहीं लगती, तो ऐसे में वजन भी कम होता है। भोजन से ठीक पहले अधकच्चे बैंगन के साथ सलाद और हरी भाजियों का सेवन किया जाए, तो धीरे-धीरे वजन घटने लगता है।