शनिवार, 10 अक्टूबर 2015
चेहरे के दाग-धब्बों को हटाए
इस शहद के फेसपैक में नींबू का रस, दूध और बादाम मिलाया जाता है। ये त्वचा पर पड़े काले धब्बों और उसके रूखेपन के लिए एक परफेक्ट उपचार है। नींबू का रस डेड स्किन सेल्स एक्सफोलिएट करता है और साथ ही, त्वचा से गंदगी भी हटाता है। बादाम में विटामिन ई होता है जो स्किन टोन को हल्का करता है और वहीं, दूध में बेटा हाइड्रॉक्सी एसिड होता है जो डेड स्किन सेल्स से छुटकारा दिलाता है। और जहां तक बात शहद की है, वो न सिर्फ एक नैचुरल मॉइश्चुराइज़र है जो आपकी स्किन को हाइड्रेट करता है, बल्कि इसके एंटीबैक्टीरियल तत्व स्किन के बैक्टीरियल इंफेक्शन से भी लड़ते हैं। इसमें एंजाइम्स होते हैं जो आपकी त्वचा तो सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाते हैं।
नींबू का रस, मिल्क पाउडर और शहद, तीनों की दो-दो चम्मच मात्रा को मिला लें।
अब इसमें भीगे हुए बादाम का एक चम्मच पेस्ट मिला लें।
इस फेस पैक को चेहरे पर लगाएं और नैचुरली सूखने दें।
12-15 मिनट बाद जब फेसपैक सूख जाए तो उसे गुनगुने पानी से धो लें l
शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2015
घुटनों का दर्द
घुटनों का दर्द बहुत ही पीड़ादायक होता है और यह आपको चलने-फिरने में भी असमर्थ कर देता है। यदि आपका वजन अधिक हो या आप वृद्धावस्था में हों तो घुटनों का दर्द और भी तकलीफदेह हो जाता है।
यह बात कम ही लोग जानते हैं कि कुछ आसान घरेलू उपायों की मदद से घुटनों के दर्द की इस तकलीफ से छुटकारा पाया जा सकता है।
जी हाँ !
यदि आप निम्नलिखित कारणों से घुटनों के दर्द से पीड़ित है :-
▶घुटनों की माँसपेशियो में खून का दौरा सही नहीं होना।
▶घुटनों की माँसपेशियो में खिंचाव या तनाव होना।
▶माँसपेशियो में किसी भी तरह की चोट का प्रभाव।
▶वृद्धावस्था ।
… तो नीचे बताये गए पांच घरेलू उपाय आपको घुटनों के दर्द से छुटकारा दिला सकते हैं....
घुटनों के दर्द के उपाय ⇨
★ घुटनों का दर्द – उपाय पहला.........
नीचे बताई गयी सामग्री को मिला कर हल्दी का एक दर्द निवारक पेस्ट बना लीजिये....
▶1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
▶1 छोटा चम्मच पीसी हुई चीनी, या बूरा या शहद
▶1 चुटकी चूना (जो पान में लगा कर खाया जाता है)
▶ आवश्यकतानुसार पानी
इन सभी को अच्छी तरह मिला लीजिये ।
एक लाल रंग का गाढ़ा पेस्ट बन जाएगा।
यह पेस्ट कैसे प्रयोग करें:-
सोने से पहले यह पेस्ट अपने घुटनों पे लगाइए ।
इसे सारी रात घुटनों पे लगा रहने दीजिये।
सुबह साधारण पानी से धो लीजिये।
कुछ दिनों तक प्रतिदिन इसका इस्तेमाल करने से सूजन, खिंचाव, चोट आदि के कारण होने वाला घुटनों का दर्द पूरी तरह ठीक हो जाएगा।
★ घुटनों का दर्द – उपाय 2
1 छोटा चम्मच सोंठ का पाउडर लीजिये और इसमें थोडा सरसों का तेल मिलाइए।
इसे अच्छी तरह मिला कर गाड़ा पेस्ट बना लीजिये।
इसे अपने घुटनों पर मलिए ।
इसका प्रयोग आप दिन या रात कभी भी कर सकते हैं।
कुछ घंटों बाद इसे धो लीजिये।
यह प्रयोग करने से आपको घुटनों के दर्द में बहुत जल्दी आराम मिलेगा।
★ घुटनों का दर्द – उपाय 3
नीचे बताई गयी सामग्री लीजिये :-
▶4-5 बादाम
▶5-6 साबुत काली मिर्च
▶10 मुनक्का
▶6-7 अखरोट
प्रयोग :-
इन सभी चीज़ों को एक साथ मिलाकर खाएं और साथ में गर्म दूध पीयें।
कुछ दिन तक यह प्रयोग रोजाना करने से आपको घुटनों के दर्द में आराम मिलेगा।
★ घुटनों का दर्द – उपाय 4
खजूर विटामिन ए, बी, सी, आयरन व फोस्फोरस का एक अच्छा प्राकृतिक स्रोत है। इसलिए खजूर घुटनों के दर्द सहित सभी प्रकार के जोड़ों के दर्द के लिए बहुत असरकारक है।
प्रयोग :-
एक कप पानी में 7-8 खजूर रात भर भिगोयें ।
सुबह खाली पेट ये खजूर खाएं और जिस पानी में खजूर भिगोये थे, वो पानी भी पीयें।
ऐसा करने से घुटनों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, और घुटनों के दर्द में बहुत लाभ मिलता है।
★ घुटनों का दर्द – उपाय 5
नारियल भी घुटनों के दर्द के लिए बहुत अच्छी औषधी है।
नारियल का प्रयोग :-
▶रोजाना सूखा नारियल खाएं।
▶नारियल का दूध पीयें।
▶घुटनों पर दिन में दो बार नारियल के तेल की मालिश करें।
इससे घुटनों के दर्द में अद्भुत लाभ होता है।
आशा है आपको इन आसान घरेलू उपायों की मदद से घुटनों के दर्द से छुटकारा मिलेगा और आपकी ज़िंदगी बेहतर हो सकेगी।
पीलिया (पांडु रोग)
पीलिया एक ऐसी बीमारी है जो किसी भी व्यक्ति को हो सकती है । यह बीमारी मनुष्य के लिए कभी - कभी जानलेवा भी हो जाती है । इस बीमारी में मनुष्य का खून पीला पड़ने लगता है और शरीर कमजोर हो जाता है। इस बीमारी का मुख्य कारण पाचन शक्ति का सही ढंग से काम न करना । मनुष्य की पाचन शक्ति ख़राब होने के कारण खून बनना बंद हो जाता है और उनके शरीर का रंग धीरे - धीरे पीला पड़ने लगता है । इसी को हम पीलिया कहते है। पीलिया की बीमारी होने पर रोगी को समय रहते ही इसका उपचार करना चाहिए। नही तो ये जानलेवा बन जाती है ।
'चरक’ में लिखा है- हृदय का फडकना, देह का रूखा सा होना, पसीना न आना एवं बिना मेहनत किए थकान सी होना ये पीलिया के पूर्व लक्षण हैें। ‘सुश्रुत’ ने लिखा है जब पाण्डु रोग होने वाला होता है तब चमड़े का फटना, बार बार थूकना, अंगो का भड़कना,
मिट्टी खाने मे रूचि होना, आँखों पर सूजन आना, मल मूत्र पीला होना , खाना न पचना- ये लक्षण नजर आते हैं। 'वाग्भट्ट’ ने भी इसी प्रकार मिलते जुलते लक्षण बताए हैं। ‘माधव निदान’ ग्रन्थ में पाण्डुरोग पाँच प्रकार के बताए हैं। (1) वात का (2) पित्त का (3) कफ का (4) सन्निपात का (5) मिट्टी का।
1..... लौह भस्म, गोदन्ती भस्म, सौंठ, मिर्च पीपल ओर कंकोल ये सब 10-10 ग्राम लेकर कूट पीसकर कपड़े से या मैदा वाली छन्नी से छान लें। नोट :- लौह भस्म अलग रखे इसे सब छानी गई दवा में बाद में मिला दें। इन सभी चूर्ण के बराबर ‘सोनामक्खी भस्म’ मिला दें। नोट :- (यह कोई जीव नहीं है यह भस्म शुद्ध है जैसे—कई रोग जानकारी न होने से ‘गोदन्ती भस्म’ की (गाय के दाँत) भस्म मानकर लेने से मना कर देते हैं। यह भी एक पत्थर की भस्म है। सोना मक्खी को स्वर्णमाक्षिक भी कहते हैं। पूरी दवा एकत्र कर जल में पत्थर की सिल पर पानी मिला घोटें और 1-1 रत्ती की गोली बना लें।
सेवन विधि :- 1-1 गोली मिश्री के साथ खाने से व ऊपर से मट्ठा पीने से पाण्डु रोग शीघ्र ठीक हो जाता है (परीक्षित है) इससे सभी प्रकार के पाण्डु रोग ठीक होते हैं।
2..... सौंठ, मिर्च, पीपल, हरड़, बहेड़ा, आँवला, नागरमौथा, वायविंडग और चीते की छाल (चितावर) यह वृक्ष की छाल है। सभी द्रव्य एक एक तोला, कूट पीसकर कपड़े से छान लो फिर इसमें तीन तोला लौह भस्म मिला दो एवं सभी को एक शीशी या डिब्बे में रख लो। सेवन विधि :- 3-3 रत्ती दवा मिश्री के साथ या घी के साथ सुुबह-शाम दो बार सेवन कराएँ।
3...... पुनर्नवा (जड़ी) निशोध, सौंठ, कालीमिर्च, पीपल, वायविडंग देवदारू, चीता (चितावर) मीठा कूट हल्दी, हर्र, बहेड़ा आँवला, दन्ती, चव्य, इन्द्रजो, कुटकी, पीपरामूल, नागरमोथा, कड़कड़ासिंग्गी, कालाजीरा, अजवाइन, कायफल इन सबको 50-50 ग्राम लेकर चूर्ण कपड़छन कर लो।
इनमें सबके बराबर या 25 ग्राम मण्डूर भस्म मिलाकर, पुराना गुड़ मिलाकर 3-3 रत्ती की गोली बना लें। फिर 1 से 2 गोली उम्रानुसार सुबह शाम खिलाए। सभी प्रकार के पीलिया की रामबाण औषधि है।
4..... बंदाल डोडा (कड़वी बन तोरी) नक छिंकनी, मोथे की जड़ सभी सम भाग लेकर नसवार बना लें। सुबह शाम दो बार सुंघावे।
5..... बंदाल डोडा को रात को पानी में भिगो दे। सुबह निकालकर नाक मे दो दो बूंद निचोड़ दें।
Ek Kustha (Psoriasis ) rog
vidwan chikitsak ptnt ki Vaya evam sthiti k anusar matra ka nirdharan karen.
baki samay Coconut oil me karpoor ko milakar rogi ko lagate rehne k liye kahen.
नशा घातक हे इसे छुड़ाने के आसान उपाय______
उपाय______
जड़ी – बूटियों का विवरण और मात्रा निम्न है :-
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धूम्रपान, जर्दा, खैनी आदि नशा छोडने के उपाय --
1. 50 ग्राम सौंफ एवँ इतनी ही मात्रा मेँ अजवायन लेकर तवे पर भूने, थोडा नींबू का रस एवँ हल्का काला नमक डाल लेँ ल एक डब्बी में रखकर अपनी जेब में रख लें ल जब भी सिगरेट एवँ तम्बाकू आदि की तलब लगे तो कुछ दाने मुँह मेँ रख लेँ एवं चबाते रहे इससे तलब कम होगी, अजीर्ण ( इंडिगेशन),अरुचि (एनोरेक्सिया), गैस (गैस,एसिडिटी) में आराम मिलेगा
2. गुनगुने पानी मे नींबू का रस एवँ शहद डालकर पीना तलब को कम करता है तथा नशे के विषाक्त तत्वों को शरीर से बाहर निकालता है
3. एक पुडिया मे सूखे आँवले के टुकडे, इलायची, सौंफ, हरड के टुकडे रखेँ ताकि जब तलब लगे तो कुछ टुकडे मुँह में रखें और चबाते रहें इनसे तलब (क्रेविंग) तो कम होती ही साथ ही खट्टी डकार, भूख ना लगना (लॅक ऑफ़ एपेटाइट), पेट फूलने में आराम मिलता है नशा छोड़ते वक़्त क्या परेशानी आ सकती है
सोमवार, 5 अक्टूबर 2015
स्वास्थ्यवृद्धक चूर्ण :
250 ग्राम मैथीदाना ।
100 ग्राम अजवायन ।
100 ग्राम काला जीरा ।
100 ग्राम हरड़ ।
उपरोक्त चारों चीजों को साफ सुथरा करके हल्का हल्का सेंकना। तीनों को अच्छी तरह मिक्स करके मिक्सर में पावडर बनाकर डिब्बे आदि मे रखें ।
रात्रि को सोते समय चम्मच पावडर में थोडा सा सेंधा नमक मिला के एक गिलास गुनगुने पानी के साथ लेना है।
एक साथ सेंधा नमक न मिला दे। वरना सारा चूर्ण काला पड़ जायेगा।
गरम पानी के साथ ही लेना अत्यंत आवश्यक है । लेने के बाद कुछ भी खाना पीना नहीं है।
यह चूर्ण सभी उम्र के व्यक्ति ले सकतें है।
चूर्ण रोज-रोज लेने से शरीर के कोने-कोने में जमा पडी गंदगी (कचरा) मल और पेशाब द्वारा बाहर निकल जाएगी ।
पूरा फायदा तो 80-90 दिन में महसूस करेगें, जब फालतू चरबी गल जाएगी, नया शुद्ध खून का संचार होगा । चमड़ी की झुर्रियाॅ अपने आप दूर हो जाएगी। शरीर तेजस्वी, स्फूर्तिवाला व सुंदर बन जायेगा ।
चूर्ण के लाभ :-
1. गठिया दूर होगा और गठिया जैसा जिद्दी रोग दूर हो जायेगा ।
2. हड्डियाँ मजबूत होगी ।
3. आॅख का तेज बढ़ेगा ।
4. बालों का विकास होगा।
5. पुरानी कब्जियत से हमेशा के लिए मुक्ति।
6. शरीर में खुन दौड़ने लगेगा ।
7. कफ से मुक्ति ।
8. हृदय की कार्य क्षमता बढ़ेगी ।
9. थकान नहीं रहेगी, घोड़े की जैसे दौड़ते जाएगें।
10. स्मरण शक्ति बढ़ेगी ।
11. स्त्री का शरीर शादी के बाद बेडोल की जगह सुंदर बनेगा ।
12. कान का बहरापन दूर होगा ।
13. पहले से जो एलाॅपेथी दवा का खाई हैं, उनके साईड इफेक्ट समाप्त हो जाएंगे।
14. खून में सफाई और शुद्धता बढ़ेगी ।
15. शरीर की सभी खून की नलिकाएॅ शुद्ध हो जाएगी ।
16. दांत मजबूत बनेगा, इनेमल जींवत रहेगा ।
18. डायबिटिज काबू में रहेगी, डायबिटीज की जो दवा लेते है वह चालू रखना है। चूर्ण का असर दो माह लेने के बाद से दिखने लगेगा ।
19.थाइरोइड वाले रोगी जरूर ले । उनके लिए तो बहुत लाभदायक है।
जीवन निरोग, आनंददायक, चिंता रहित, स्फूर्ति दायक और आयुष्यवर्धक बनेगा ।
