रविवार, 15 मई 2016

नकसीर

🐚♦नकसीर♦🐚
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🔹तत्काल नकसीर बन्द करने के लिए तीन ग्राम सुहागे को थोड़े पानी में घोलकर दोनों नथुनों पर लेप कर दें। नकसीर तत्काल बन्द हो जाएगी
🔹सिर पर ठंडे पानी की धार डालने से नाक से रक्त गिरना शीध्र बंद हो जाता है। यदि नकसीर बंद न हो तो उपरोक्त सुहागे के घोल के लेप से अवश्य बंद हो जाएगी।
🔹पुरानी नकसीर की बिमारी में संजीवनी  — बीस ग्राम मुल्तानी मिट्टी को जरा सा कूटकर रात्रि के समय मिट्टी के वर्तन में पाव किलो पानी में डालकर भिगो दें। प्रातः पानी को निथार कर छान लें। इस साफ पानी को पिलाने से (बच्चों को आधी मात्रा) दो-तीन दिन पिलाने से वर्षों पुराना रोग सदा के लिए समूल नाश गो जाता है। बच्चों को इस पानी में बताशा या मिश्री मिलाकर पिलाएँ।
विशेष  — नदी के समान बहती हुई नकसीर इससे तत्काल बंद हो जाती है। जिनको दिन में कई बार नकसीर फूटती हो उनके लिए भी संजीवनी के समान उत्तम है। मुल्तानी मिट्टी का पानी पिलाने के साथ नीचे बैठी हुई मुल्तानी मिट्टी का रोगी के मस्तिष्क तथा नाक पर पाँच मिनट के करने से और भी अधिक लाभ होगा।

कमर दर्द से बचने के उपाय


1. रोज सुबह सरसों या नारियल के तेल में लहसुन की तीन-चार कलियॉ डालकर (जब तक लहसुन की कलियां काली न हो जायें) गर्म कर लें। ठंडा होने पर इस तेल से कमर की मालिश करें।
2. नमक मिले गरम पानी में एक तौलिया डालकर निचोड़ लें। इसके बाद पेट के बल लेट जाएं। दर्द के स्थान पर तौलिये से भाप लें। कमर दर्द से राहत पहुंचाने का यह एक अचूक उपाय है।
3. कढ़ाई में दो-तीन चम्मच नमक डालकर इसे अच्छे से सेक लें। इस नमक को थोड़े मोटे सूती कपड़े में बांधकर पोटली बना लें। कमर पर इस पोटली से सेक करने से भी दर्द से आराम मिलता है।
4. अजवाइन को तवे के पर थोड़ी धीमी आंच पर सेंक लें। ठंडा होने पर धीरे-धीरे चबाते हुए निगल जाएं। इसके नियमित सेवन से कमर दर्द में लाभ मिलता है।
5. अधिक देर तक एक ही पोजीशन में बैठकर काम न करें। हर चालीस मिनट में अपनी कुर्सी से उठकर थोड़ी देर टहल लें।
6. नर्म गद्देदार सीटों से परहेज करना चाहिए। कमर दर्द के रोगियों को थोड़ा सख्ते बिस्तर बिछाकर सोना चाहिए।
. कैल्शियम की कम मात्रा से भी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, इसलिए कैल्शियमयुक्त चीजों का सेवन करें।
9. कमर दर्द के लिए व्यायाम भी करना चाहिए। सैर करना, तैरना या साइकिल चलाना सुरक्षित व्यायाम हैं। तैराकी जहां वजन तो कम करती है, वहीं यह कमर के लिए भी लाभकारी है। साइकिल चलाते समय कमर सीधी रखनी चाहिए। व्यायाम करने से मांसपेशियों को ताकत मिलेगी तथा वजन भी नहीं बढ़ेगा।
10. कमर दर्द में भारी वजन उठाते समय या जमीन से किसी भी चीज को उठाते समय कमर के बल ना झुकें बल्कि पहले घुटने मोड़कर नीचे झुकें और जब हाथ नीचे वस्तु तक पहुंच जाए तो उसे उठाकर घुटने को सीधा करते हुए खड़े हो जाएं।
11. कार चलाते वक्त सीट सख्त होनी चाहिए, बैठने का पोश्चर भी सही रखें और कार ड्राइव करते समय सीट बेल्ट टाइट कर लें।
12. ऑफिस में काम करते समय कभी भी पीठ के सहारे न बैठें। अपनी पीठ को कुर्सी पर इस तरह टिकाएं कि यह हमेशा सीधी रहे। गर्दन को सीधा रखने के लिए कुर्सी में पीछे की ओर मोटा तौलिया मोड़ कर लगाया जा सकता है।
इन सब उपायों को अपना कर आप भी कमर दर्द से कुछ निजात पा सकते है।

पेट कम करने के लिए एक्सरसाइज--

हर कोई अपना पेट फ्लैट और सपाट चाहता है, लेकिन उसे लगता है कि इसके लिए जिम जाकर कड़ी मेहनत करनी होगी। लेकिन यहां पेट कम करने के लिए आपको न तो जिम जाने की जरूरत है और न ही कड़ी मेहनत करने की। अगर आपके पास रोजाना सिर्फ 15 मिनट का समय है तो आप अपने घर पर ही थोड़ी-सी मेहनत करके अपना पेट कम कर सकते हैं।

(Note : एक्सपर्ट के अनुसार अगर आप ये सभी एक्सरसाइज कर सकें तो बेहतर रिजल्ट मिलेंगे। लेकिन सभी न कर सकें तो इनमें से एक या दो भी चुन सकते हैं। पॉजिटिव रिजल्ट जरूर मिलेंगे)

Benefits and Methods of Leg stretching...

Benefits and Methods of Leg stretching...
It is therefore important to include leg stretches into your daily exercise routine.
The best leg stretches work all the major muscle groups in the lower extremities helping reduce stress and improving flexibility.
Stretches such as static stretches, dynamic stretches and yoga leg stretches target all the major leg muscles such as the hip flexors, quadriceps, hamstrings, calves, and shins.
Yoga poses such as Down Dog pose, Mountain pose, Tree pose, Triangle pose, the Warrior poses, the Half Moon pose, and the Wheel pose all require strong legs.
Practicing these postures will redefine your leg muscles over time and improve their strength.
This will make it easier for you to hold these poses for longer as well.
These stretches also lessen the risk of soreness and muscle fatigue.
This is especially necessary if you work out or play any type of sport.
From aerobics to weight training, soccer to running, strong legs are always an asset and leg stretches can help improve your performance both in the field and off.

Benefits Of Leg Stretching

Leg stretches when done properly can reduce the risk of injury, strengthen the muscles and improve stamina and flexibility.
Leg stretches can also increase your range of motion - an important advantage for runners and sportsmen who can improve their performance on field as a result.
Prolonged yoga leg stretches can
even reduce cholesterol and prevent the hardening of arteries.

तुलसी

तुलसी के अनजाने फायदे जानिए

तुलसी में कई औषधीय गुण होते हैं। हृदय रोग हो या सर्दी जुकाम, भारत में सदियों से तुलसी का इस्तेमाल होता चला आ रहा है।

गले की खराश

चाय की पत्तियों को उबालकर पीने से गले की खराश दूर हो जाती है। इस पानी को आप गरारा करने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। बच्चों में बुखार, खांसी और उल्टी जैसी सामान्य समस्याओं में तुलसी बहुत फायदेमंद है।

श्वास की समस्या

श्वास संबंधी समस्याओं का उपचार करने में तुलसी खासी उपयोगी साबित होती है। शहद, अदरक और तुलसी को मिलाकर बनाया गया काढ़ा पीने से ब्रोंकाइटिस, दमा, कफ और सर्दी में राहत मिलती है। नमक, लौंग और तुलसी के पत्तों से बनाया गया काढ़ा इंफ्लुएंजा (एक तरह का बुखार) में फौरन राहत देता है।

गुर्दे की पथरी

तुलसी गुर्दे को मजबूत बनाती है। यदि किसी के गुर्दे में पथरी हो गई हो तो उसे शहद में मिलाकर तुलसी के अर्क का नियमित सेवन करना चाहिए। छह महीने में फर्क दिखेगा।

हृदय रोग

तुलसी खून में कोलेस्ट्राल के स्तर को घटाती है। ऐसे में हृदय रोगियों के लिए यह खासी कारगर साबित होती है।

त्वचा रोग

अल्सर और मुंह के अन्य संक्रमण में तुलसी की पत्तियां फायदेमंद साबित होती हैं। रोजाना तुलसी की कुछ पत्तियों को चबाने से मुंह का संक्रमण दूर हो जाता है। दाद, खुजली और त्वचा की अन्य समस्याओं में तुलसी के अर्क को प्रभावित जगह पर लगाने से कुछ ही दिनों में रोग दूर हो जाता है। नैचुरोपैथों द्वारा  ल्यूकोडर्मा का इलाज करने में तुलसी के पत्तों को सफलता पूर्वक इस्तेमाल किया गया है।

सांसों की दुर्गध

तुलसी की सूखी पत्तियों को सरसों के तेल में मिलाकर दांत साफ करने से सांसों की दुर्गध चली जाती है। पायरिया जैसी समस्या में भी यह खासा कारगर साबित होती है। सिर के दर्द में तुलसी एक बढि़या दवा के तौर पर काम करती है। तुलसी का काढ़ा पीने से सिर के दर्द में आराम मिलता है। आंखों की जलन में तुलसी का अर्क बहुत कारगर साबित होता है। रात में रोजाना श्यामा तुलसी के अर्क को दो बूंद आंखों में डालना चाहिए।