बुधवार, 18 मई 2016

हरे धनिया

हरे धनिये की थोड़ी-सी पत्तियां कई बीमारियों को दूर करने में इफेक्टिव हैं। अगर गर्मी के दिनों में लू लग जाए तो इसका जूस पीने से राहत मिलती है। ऐसे ही इसके और भी कई फायदे हैं। जानते हैं इसके 13 फायदों के बारे में...

मंगलवार, 17 मई 2016

सोमवार, 16 मई 2016

चंदन

चंदन की पैदावार तमिलनाडु, मालाबार और कर्नाटक में अधिक होती है। इसका पेड़ सदाबहार और 9 से 12 मीटर तक ऊंचा होता है। बाहर से इसकी छाल का रंग मटमैला और काला और अन्दर से लालिमायुक्त लंबे चीरेदार होता है। इसके तने के बाहरी भाग में कोई गंध नहीं होती है जबकि अन्दर का भाग सुगन्धित और तेल युक्त होता है। चंदन के पत्ते अण्डाकार तथा 3 से 6 सेमी तक लम्बे होते हैं। इसके फूल गुच्छों में छोटे-छोटे पीलापन लिए हुए, बैंगनी रंग के तथा गंधहीन होते हैं। चंदन के फल छोटे-गोल, मांसल और पकने पर बैंगनी रंग के तथा बिना किसी गंध के होते हैं। आमतौर पर चंदन में फूल और फल की बहार जून से सितम्बर और नवम्बर से फरवरी तक आती है। चंदन के पेड़ की आयु लगभग 50 वर्ष होती है। चंदन 5-6 प्रकार का होता है जिसमें सफेद लाल, पीत (पीला), कुचंदन (पतंगों) के रंगों के आधार पर जाने जाते हैं। उत्तम चंदन स्वाद में कटु घिसने पर पीला ऊपर से सफेद काटने में लाल, कोटरयुक्त और गांठदार होता है।

विभिन्न रोगों में उपयोग :

1. शरीर की जलन :
चंदन और कपूर को घिसकर शरीर पर लेप करने से शरीर की जलन दूर हो जाती है।
हाथ-पैरों की जलन को दूर करने के लिए सरसों का तेल या चंदन के तेल की मालिश करें।

2. खुजली :
चंदन के तेल को नींबू के रस में मिलाकर लेप करने से खुजली समाप्त हो जाती है।
दूध के अन्दर चंदन या नारियल का तेल और कपूर मिलाकर लगाने से खुजली दूर हो जाती है।

3. मूत्रकृच्छ और रक्तातिसार: चंदन को चावल के पानी में घिसकर शहद और शक्कर के साथ पीने से मूत्रकृच्छ (पेशाब में जलन) और रक्तातिसार (खूनी दस्त) मिट जाता है।
4. मूत्र रोग: लगभग 8 से 10 बूंद चंदन का तेल बताशे में डालकर एक कप दूध के साथ सुबह-शाम सेवन करने से पेशाब की जलन, पेशाब में पीप आना बंद हो जाती है।
5. शरीर पर गर्मी से उत्पन्न फुंसियां: शरीर पर गर्मी से पैदा हुई फुंसियों पर चंदन और गुलाबजल में पिसे हुए धनिये और खस का लेप करना चाहिए। केवल चंदन भी लाभ करता है।

6. गर्मी :
चावल के पानी में सफेद चंदन घिसकर चीनी के साथ देने से गर्मी में राहत मिलती है।
गर्मी के दिनों में शरीर की गर्मी दूर करने के लिए 20 ग्राम चंदन को घिसकर मिश्री मिलाकर शर्बत बनाकर पीने से मानसिक शान्ति मिलती है और शरीर को भी शांति मिलती है।

7. हिचकी :
स्त्री के दूध में चंदन को घिसकर नाक में डालने से हिचकी आना बंद हो जाती है।
चंदन और नीमगिलोय का चूर्ण सूंघने से हिचकी में लाभ होता है।
स्त्री के दूध में लाल चंदन को घिसकर सूंघने से हिचकी नहीं आती है।

8. प्रमेह और प्रदर: लगभग 10 ग्राम वंशलोचन और 10 ग्राम इलायची के दानों को बारीक पीसकर कपडे़ से छान लेते हैं। इसके बाद उसे चंदन के तेल में मिलाकर सुपारी के बराबर गोलियां बनाएं। सुबह-शाम 5 ग्राम चीनी को 40 मिलीलीटर ठण्डे पानी में मिलाकर एक-एक गोली के साथ सेवन करना चाहिए। इसका पथ्य गेहूं की रोटी, अरहर की दाल, घी और चीनी है।
9. तेज बुखार में नींद न आने और सिर दर्द करने पर: कपूर, केसर और चंदन को घिसकर सिर पर लगाने से तेज बुखार की वजह से नींद न आना और सिर में दर्द में लाभ मिलता है।
10. शरीर के किसी जगह पर सूजन होने से जलन: जलन के स्थान पर चंदन को घिसकर कुछ दिनों तक लेप करते रहने से जलन दूर होकर सूजन ठीक हो जाती है।
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रविवार, 15 मई 2016

नकसीर

🐚♦नकसीर♦🐚
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🔹तत्काल नकसीर बन्द करने के लिए तीन ग्राम सुहागे को थोड़े पानी में घोलकर दोनों नथुनों पर लेप कर दें। नकसीर तत्काल बन्द हो जाएगी
🔹सिर पर ठंडे पानी की धार डालने से नाक से रक्त गिरना शीध्र बंद हो जाता है। यदि नकसीर बंद न हो तो उपरोक्त सुहागे के घोल के लेप से अवश्य बंद हो जाएगी।
🔹पुरानी नकसीर की बिमारी में संजीवनी  — बीस ग्राम मुल्तानी मिट्टी को जरा सा कूटकर रात्रि के समय मिट्टी के वर्तन में पाव किलो पानी में डालकर भिगो दें। प्रातः पानी को निथार कर छान लें। इस साफ पानी को पिलाने से (बच्चों को आधी मात्रा) दो-तीन दिन पिलाने से वर्षों पुराना रोग सदा के लिए समूल नाश गो जाता है। बच्चों को इस पानी में बताशा या मिश्री मिलाकर पिलाएँ।
विशेष  — नदी के समान बहती हुई नकसीर इससे तत्काल बंद हो जाती है। जिनको दिन में कई बार नकसीर फूटती हो उनके लिए भी संजीवनी के समान उत्तम है। मुल्तानी मिट्टी का पानी पिलाने के साथ नीचे बैठी हुई मुल्तानी मिट्टी का रोगी के मस्तिष्क तथा नाक पर पाँच मिनट के करने से और भी अधिक लाभ होगा।

कमर दर्द से बचने के उपाय


1. रोज सुबह सरसों या नारियल के तेल में लहसुन की तीन-चार कलियॉ डालकर (जब तक लहसुन की कलियां काली न हो जायें) गर्म कर लें। ठंडा होने पर इस तेल से कमर की मालिश करें।
2. नमक मिले गरम पानी में एक तौलिया डालकर निचोड़ लें। इसके बाद पेट के बल लेट जाएं। दर्द के स्थान पर तौलिये से भाप लें। कमर दर्द से राहत पहुंचाने का यह एक अचूक उपाय है।
3. कढ़ाई में दो-तीन चम्मच नमक डालकर इसे अच्छे से सेक लें। इस नमक को थोड़े मोटे सूती कपड़े में बांधकर पोटली बना लें। कमर पर इस पोटली से सेक करने से भी दर्द से आराम मिलता है।
4. अजवाइन को तवे के पर थोड़ी धीमी आंच पर सेंक लें। ठंडा होने पर धीरे-धीरे चबाते हुए निगल जाएं। इसके नियमित सेवन से कमर दर्द में लाभ मिलता है।
5. अधिक देर तक एक ही पोजीशन में बैठकर काम न करें। हर चालीस मिनट में अपनी कुर्सी से उठकर थोड़ी देर टहल लें।
6. नर्म गद्देदार सीटों से परहेज करना चाहिए। कमर दर्द के रोगियों को थोड़ा सख्ते बिस्तर बिछाकर सोना चाहिए।
. कैल्शियम की कम मात्रा से भी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, इसलिए कैल्शियमयुक्त चीजों का सेवन करें।
9. कमर दर्द के लिए व्यायाम भी करना चाहिए। सैर करना, तैरना या साइकिल चलाना सुरक्षित व्यायाम हैं। तैराकी जहां वजन तो कम करती है, वहीं यह कमर के लिए भी लाभकारी है। साइकिल चलाते समय कमर सीधी रखनी चाहिए। व्यायाम करने से मांसपेशियों को ताकत मिलेगी तथा वजन भी नहीं बढ़ेगा।
10. कमर दर्द में भारी वजन उठाते समय या जमीन से किसी भी चीज को उठाते समय कमर के बल ना झुकें बल्कि पहले घुटने मोड़कर नीचे झुकें और जब हाथ नीचे वस्तु तक पहुंच जाए तो उसे उठाकर घुटने को सीधा करते हुए खड़े हो जाएं।
11. कार चलाते वक्त सीट सख्त होनी चाहिए, बैठने का पोश्चर भी सही रखें और कार ड्राइव करते समय सीट बेल्ट टाइट कर लें।
12. ऑफिस में काम करते समय कभी भी पीठ के सहारे न बैठें। अपनी पीठ को कुर्सी पर इस तरह टिकाएं कि यह हमेशा सीधी रहे। गर्दन को सीधा रखने के लिए कुर्सी में पीछे की ओर मोटा तौलिया मोड़ कर लगाया जा सकता है।
इन सब उपायों को अपना कर आप भी कमर दर्द से कुछ निजात पा सकते है।

पेट कम करने के लिए एक्सरसाइज--

हर कोई अपना पेट फ्लैट और सपाट चाहता है, लेकिन उसे लगता है कि इसके लिए जिम जाकर कड़ी मेहनत करनी होगी। लेकिन यहां पेट कम करने के लिए आपको न तो जिम जाने की जरूरत है और न ही कड़ी मेहनत करने की। अगर आपके पास रोजाना सिर्फ 15 मिनट का समय है तो आप अपने घर पर ही थोड़ी-सी मेहनत करके अपना पेट कम कर सकते हैं।

(Note : एक्सपर्ट के अनुसार अगर आप ये सभी एक्सरसाइज कर सकें तो बेहतर रिजल्ट मिलेंगे। लेकिन सभी न कर सकें तो इनमें से एक या दो भी चुन सकते हैं। पॉजिटिव रिजल्ट जरूर मिलेंगे)