रविवार, 11 सितंबर 2016

कैशोर गुग्गुलु


कैशोर गुग्गुलु, एक आयुर्वेदिक दवाई है जिसे वातरक्त जिसे आम भाषा में गाउट gout कहा जाता है, चमड़ी के रोग skin diseases तथा रक्त विकार vitiation of blood, के उपचार में प्रयोग किया जाता है। इस औषधि को भैषज्य रत्नावली के वातरक्ताधिकार से लिया गया है। कैशोर गुग्गुलु के सेवन से शरीर में जोड़ों और मसल्स के दर्द और सूजन से राहत मिलती है। यह मुख्य रूप से ऐसे जोड़ों के दर्द जिनमें वात तथा पित्त बढ़ा (द्विदोषज) हुआ हो, जोड़ सूज कर लाल हो गए हो तथा उनमें गर्माहट हो, में दी जाती है।

यह दवाई शरीर में यूरिक एसिड को कम करती है और पाचन को भी बेहतर करती है। यह खून को साफ़ करती है और कब्ज़ को दूर करती है। यह शरीर में चयापचय जिसे मेटाबोलिज्म कहा जाता है उसे भी ठीक करती है। इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट, सूजन दूर करने के तथा एंटी-एजिंग गुण हैं।

Kaishore Guggulu / Kishore guggul is Ayurvedic medicine used in treatment of joint and muscles disorders, gout, skin eruptions, infections, lumps and growths. It is prepared from well-known Ayurvedic herbs and used as supplement for gout or Vata Rakta and its complication.

Here is given more about this medicine, such as indication/therapeutic uses, Key Ingredients and dosage in Hindi language.
कैशोर गुग्गुलु के घटक Ingredients of Kaishore Guggulu

Guggulu Shuddha (O.R) 768 g
Haritaki (P.) 256 g
Bibhitaka (P.) 256 g
Amalaki (P.) 256 g
Chinnaruha (Guduci) (St.) 1.536 kg
Water for decoction 12.288 l reduced to 6.144 l
Haritaki (P.) 8 g
Bibhitaka (P.) 8 g
Amalaki (P.) 8 g
Sunthi (Rz.) 24 g
Marica (Fr.) 24 g
Pippali (Fr.) 24 g
Krimiripu (Vidanga) (Fr.) 24 g
Trivrit (Rt.) 12 g
Danti (Rt.) 12 g
Amrita (Guduci) (St.) 48 g
Ghrita (Goghrita) 384 g

मुख्य घटक:

1. गुग्गुलु एक पेड़ से प्राप्त किया जाता है और अनेक आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण में प्रयोग किया जाता है। यह वात, पित्त और कफ का संतुलन करता है। यह तासीर में गर्म होता है। गुग्गुलु शरीर की सभी प्रणालियों पर काम करता है। यह टॉनिक, एंटीसेप्टिक, दर्द से राहत, ऐंठन से राहत, और कफ कम करने वाला होता है। यह विशेष रूप से दर्द कम करने, शरीर से सूजन को हटाने, शरीर से टोक्सिन निकालने और ग्रंथियों की असामान्य बढ़वार को रोकने के लिए इस्तेमाल होता है।

2. आवंला, लिवर और इम्यून सिस्टम के सही काम करने में सहायता करता है। यह बड़े हुए पित्त को शांत करता है। बहेड़ा विशेष रूप से, कफ के लिए अच्छा है और श्वसन प्रणाली सहित दूसरे अंगों में जमा कफ को कम करता है। हरीतकी, विषाक्त पदार्थों को शरीर से निकलती है व अधिक वात को काम करती है।

3. गिलोय शरीर से विजातीय पदार्थों को दूर करती है। इसमें जिगर (लीवर) में सुधार, त्रिदोष हटाने , प्रतिरक्षा में सुधार करने की क्षमता है। गिलोय एक दिव्य अमृत है जिसकी वजह से इसे अमृता कहा जाता है।

गिलोय, आमला, रसायन हैं जो की शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते है।

4. त्रिकटु (सोंठ + काली मिर्च + पिप्पली) शरीर से आमदोष को दूर करता है। विडंग कृमिनाशक है।
कैशोर गुग्गुलु के लाभ/फ़ायदे Benefits of Kaishore guggulu

यह शरीर में वात-पित्त का संतुलन करती है। शरीर में वात की अधिकता को जोड़ों में होने वाली समस्याओं का मुख्य कारण माना जाता है।
यह बढे यूरिक एसिड को कम करती है।
इसके सेवन से जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द से राहत मिलती है।
यह सूजन, दर्द, और शरीर में अधिक वात को दूर करने वाली औषधि है।
यह आर्थराइटिस, गाउट, रूमेटीज्म, जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों के ऐठन-दर्द-स्प्रेन, तथा रक्त विकारों में बहुत फायदेमंद है।
यह दवाई पाचन को ठीक करने के साथ, गैस और कब्ज़ को दूर करती है।
यह रक्त को साफ़ करती है तथा त्वचा के विकारों जैसे की मुंहासे, घाव, एक्जिमा आदि में लाभप्रद है।
यह फंगल इन्फेक्शन में राहत देती है।
यह मासिक धर्म में होने वाले दर्द-ऐंठन में भी लाभप्रद है।
इसमें उष्णवीर्य वनस्पतियों के होने के कारण यह दवा खांसी, जुखाम, में लाभकारी है।
कैशोर गुग्गुलु के चिकित्सीय उपयोग Uses of Kaishore Guggulu

मन्दाग्नि Mandagni (Impaired digestive fire)
कब्ज़ Vibandha (Constipation)
वातरक्त Vatashonita (Gout)
मधुमेह में घाव Prameha Pidaka (Diabetic carbuncle)
छाले Vrana (Ulcer)
कफ Kasa (Cough)
चमड़ी के रोग Kushtha (Diseases of skin)
गुल्म Gulma (Abdominal lump)
सूजन (Oedema)
पांडु Pandu (Anaemia)
मेह रोग Meha (Excessive flow of urine)
बुढ़ापा Jaradosha (Senility)
सेवन विधि और मात्रा Dosage of Kaishore Guggulu

2-4 गोली, दिन में दो बार, सुबह और शाम लें।
इसे रोग अनुसार अनुपान / मंजिष्ठादी काढ़े / दूध या गर्म पानी के साथ लें।
इसे भोजन करने के बाद लें।
इसका सेवन कई महीनो तक किया जा सकता है।